कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिका
काढा मत्सर, काढा हेवा हदयाला या पवित्र ठेवा
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिकाप्रदीप निफाडकरांची गझल
April 17, 2010
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April 17, 2010
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April 17, 2010
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