कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिका
अजूनही प्रणयाचे ऐकू येते गुंजन !
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिका
November 1, 2019
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिका
November 1, 2019
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिका
November 1, 2019
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिका
October 31, 2019
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिका
October 30, 2019
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिकागझल; जाती: समजाती-पद्मावर्तनी-अनलज्वालाl मात्रा: ८+८+८=२४मात्रा
March 11, 2018
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिकागझल; जाती: समजाती-पद्मावर्तनी-लवंगलता; मात्रा: ८+८+८+४=२८मात्रा
March 11, 2018
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिकागझल; वृत्त: मेनका; लगावली: गालगागा/गालगागा/गालगा
March 11, 2018
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिकागझल; जाती: समजाती-पद्मावर्तनी-वंशमणि; मात्रा: ८+८+४=२०मात्रा
March 9, 2018
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिकागझल ; जाती: समजाती-पद्मावर्तनी-अनलज्वाला ; मात्रा: ८+८+८=२४मात्रा
March 9, 2018
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कविता-गझल-चारोळी-वात्रटिकागझल ; जाती: समजाती-पद्मावर्तनी-अनलज्वाला; मात्रा: ८+८+८=२४ मात्रा
March 8, 2018
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