धनुर्धारी एकलव्य
ID: 45250
धन्य तो एकलव्य, जीवन ज्याचे दिव्य इतिहास घडवी भव्य, कौरव पांडवा संगे ।।१।। साधा होता भिल्ल, शरीर संपदा मल्ल धनुर्विदेचे शल्य, त्याच्या अंगी होते ।।२।। जन्मता धनुर्धारी, बनोनी शिकारी हिंस्र जनावरे मारी, अचूक नेम मारूनी [...]
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लेखसंग्रह
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12-M-dharmik C-डॉ. भगवान नागापूरकर CTBC oldsite
pd - January 20, 2018
(PID -45250)
pd - January 20, 2018
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