चारोळी – आई भाकर

आई भाकर
थापते चार
खायला सारे
बेजार फार

-- माणिक (रुबी)



आई भाकर
थापते चार
खायला सारे
बेजार फार

— माणिक (रुबी)

Author

Author
लेखकाबद्दल
sachingadkari (29578 लेख)

This is editor1

सर्व लेख पहा →