मानवता – अभंग

माणसाने द्यावे | प्रेम माणसाला |
हीच वाटे मला | मानवता ||१||

माणसाने आता | करावा आदर |
करावी कदर | माणसाची ||२ ||

ठेवू गड्या आता | कर्मावर श्रध्दा |
गाडू अंधश्रद्धा | पाताळात ||३||

जिवंत असता | करू रक्तदान |
शरिराचे दान | मेल्यावर ||४||

प्रत्येकाचे मन | आपण जपावे |
प्रत्येकाने द्यावे | योगदान ||५ ||

माणसे सगळी | एकची मानावी |
मूठमाती द्यावी | जातीभेदां ||६ ||

दृष्टीकोण ठेवा | व्यवहारवादी |
मानवतावादी | होवू आता ||७ ||

खावे ज्याचे त्याने | द्यावे भुकेल्याशी |
कोणीही उपाशी | राहू नये ||८ ||

निसर्गाची कृपा | लाभली अपार |
करू नको वार | झाडावर ||९ ||

प्राणिमात्रांवर | दया दाखवावी |
गाय ना विकावी | कसायाला ||१० ||

अपघाती जीव | दिसता रस्त्यात |
करण्या मदत | धाव घ्यावी ||११||

सांगितले काही | मानवता गुण |
करून वंदन | निसर्गाला ||१२ ||

© जयवंत भाऊराव वानखडे,कोरपना
तालुका कोरपना जिल्हा चंद्रपूर
भ्रमणध्वनी ९८२३६४५६५५



माणसाने द्यावे | प्रेम माणसाला |
हीच वाटे मला | मानवता ||१||

माणसाने आता | करावा आदर |
करावी कदर | माणसाची ||२ ||

ठेवू गड्या आता | कर्मावर श्रध्दा |
गाडू अंधश्रद्धा | पाताळात ||३||

जिवंत असता | करू रक्तदान |
शरिराचे दान | मेल्यावर ||४||

प्रत्येकाचे मन | आपण जपावे |
प्रत्येकाने द्यावे | योगदान ||५ ||

माणसे सगळी | एकची मानावी |
मूठमाती द्यावी | जातीभेदां ||६ ||

दृष्टीकोण ठेवा | व्यवहारवादी |
मानवतावादी | होवू आता ||७ ||

खावे ज्याचे त्याने | द्यावे भुकेल्याशी |
कोणीही उपाशी | राहू नये ||८ ||

निसर्गाची कृपा | लाभली अपार |
करू नको वार | झाडावर ||९ ||

प्राणिमात्रांवर | दया दाखवावी |
गाय ना विकावी | कसायाला ||१० ||

अपघाती जीव | दिसता रस्त्यात |
करण्या मदत | धाव घ्यावी ||११||

सांगितले काही | मानवता गुण |
करून वंदन | निसर्गाला ||१२ ||

© जयवंत भाऊराव वानखडे,कोरपना
तालुका कोरपना जिल्हा चंद्रपूर
भ्रमणध्वनी ९८२३६४५६५५

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