रक्तवर्ण कांती । कटी पितांबर।
नयन सुंदर। तेजोमय।।१।।
ललाटी त्रिशूल। सोनेरी मुकुट।
त्यावरी किरीट। नागेश्वर।।२।।
स्थानापन्न झाली। लंबोदर मूर्ती।
गण अधिपती। वरदात्री।।३।।
पाश अंकुशाचे। दोन कर उभे।
मोदक ही शोभे॥ एक हाती ।।४।।
दुजे हस्ते देतो। फळ आशीर्वाद।
विघ्न निर्विवाद। दूर होई।।५।।
अष्टविनायक। सभा मंडपात।
बसले मध्यात। चतुर्भुज।।६।।
दिव्य भव्य तुच। गणाधीश देवा।
घडवावी सेवा। प्रतिभेने।।७।।
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